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एससीटीआईएमएसटी के बारे में

शक्तिसैट में आपका स्वागत है
श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (एससीटीआईएमएसटी) भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। भारत का.
संस्थान हृदय और तंत्रिका संबंधी विकारों के उच्च गुणवत्ता, उन्नत उपचार, जैव चिकित्सा उपकरणों और सामग्रियों के लिए प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करता है।
अस्पताल स्कंध
अस्पताल में 253 बिस्तर उपलब्द हैं और असपताल हृदय- वाहिनी, वक्ष तथा तंत्रिका-विज्ञान रोगों के लिए तृतीय रेफरल केंद्र के रूप में सेवा करती है । अस्पताल के विभिन्न विभागों में डॉक्टर, नर्स तथा अन्य पैरा मेडिकल कर्मचारी जैसे कई उच्च योग्य कार्मिकों के साथ-साथ उपचार हेतु अत्यधिक उन्नत और अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध है।
बीएमटी विंग
सेट्टिलमॉण्ड पॉलस, पुजप्पुरा, त्रिवेंद्रम में स्थित जैवचिकित्सीय प्रौद्योगिकी स्कंध में चिकित्सा उपकरण विकास, अनुसंधान एवं शिक्षण के लिए सांस्कृतिक विविधतावाली तथा बहुवादी टीम है । स्कंध की गतिविधियों के व्यापक क्षेत्रों में चिकित्सा उपकरण, जैवसामग्री, जैवसुसंगति, ऊतक अभियांत्रिकी, उत्पाद उद्भवन एवं वाणिज्यीकरण शामिल हैं ।
ए.एम.सी.एच.एस.एस

अच्युत मेनोन स्वास्थ्य विज्ञान अध्ययन केंद्र को सार्वजनिक स्वास्थ्य के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है । यह केंद्र गैर-संचारी रोगों, लिंग एवं स्वास्थ्य, स्वास्थ्य नीति एवं प्रबंधन आदी क्षेत्रों के अनुसंधान पर केंद्रित है । ए.एम.सी.एच.एस.एस सार्वजनिक स्वास्थ्य में स्नातकोत्तर उपाधि(MPH), डिप्लॉमा (DPH), पीएचडी और सार्वजनिक स्वास्थ्य में षोर्ट कोर्स प्रदान करती है ।
संस्थान विभिन्न श्रेणी के उपकरणों जैसे कार्डियोवस्कुलर, न्यूरो प्रोस्थेटिक, हार्ड टिशू डिवाइस, जैविक उत्पाद, इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स, ऑर्थोटिक्स आदि पर उत्पाद विकास करता है।
सहयोगात्मक कार्यक्रम
संस्थान आपसी हित के कार्यक्रमों/उत्पाद विकास में उद्योग/शिक्षा जगत के साथ जुड़ता है। संस्थान हमेशा उद्योग द्वारा पहचाने गए उत्पाद विकास का मनोरंजन करता है और सहयोगात्मक विकास करता है। कृपया इसके लिए tbd@sctimst.ac.in पर संपर्क करें।
प्रौद्योगिकी हस्तांतरण
Handholding with industry through Technology Transfer by the Institute dates back to 1980s and it has been four decades that the Institute is following the culture of working with the industry. The Institute provides the industry with the know-how of the product through the Technology Transfer documents, impart training to the industry and give technical support to the industry through the translation process.
CoE for Cardiovascular Devices
जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा न्यूनतम इनवेसिव कार्डियोवैस्कुलर उपकरणों के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) को मंजूरी दी गई है। इस सीओई को एससीटीआईएमएसटी के जैव चिकित्सा प्रौद्योगिकी स्कंध के कृत्रिम आंतरिक अंग प्रभाग के चिकित्सा उपकरण इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है।
हमारा लक्ष
हमारा लक्ष
- जैवचिकित्सकीय इंजनीयरी एवं प्रोद्योगिकी में अनुसंधान एवं विकास को बढावा देना ।
- चयन की गयी विशेष क्षेत्र एवं उपक्षेत्र में उच्च गुणता मरीज देखभाल प्रदान करना ।
- जैवचिकित्सकीय इंजनीयरिंग एवं प्रौद्योगिकी एवं उन्नत चिकित्सा विशेषों में नव स्नातकोत्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करना ।
- अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं खोज के द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार मे भाग लेना ।
हमारी दृष्टि
हमारी दृष्टि
- वैश्विक स्तर पर चिकित्सा उपकरण का विकास, उच्चस्तरीय गुणता मरीज देखभाल एवं स्वास्थ विज्ञान अध्ययन में नेतृत्व हासिल करना।
Key objectives
- Promote biomedical engineering and technology
- Provide and demonstrate high standards of patient care in advanced medical specialities
- Develop post-graduate training programmes of the highest quality in advanced medical specialities and biomedical engineering and technology








